भौगोलिक स्थिति

इटावा भारत के उत्तरप्रदेश नामक प्रदेश का एक प्रमुख शहर एवं लोकसभा क्षेत्र है। यह दिल्ली-कलकत्ता राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर स्थित है। इटावा शहर, पश्चिमी मध्य उत्तर-प्रदेश राज्य के उत्तरी भारत में स्थित है।इटावा आगरा के दक्षिण-पूर्व में यमुना (जमुना) नदी के तट पर स्थित है। इस शहर में कई खड्ड हैं। जिनमें से एक पुराने शहर (दक्षिण) को शहर (उत्तर) से अलग करता है। पुल और तट बंध, दोनों हिस्सों को जोड़ते हैं।

स्थलाकृति

इटावा सम्पूर्णता से गंगा समतल भूमि पर स्तिथ है इसी वजह से इसके भौतिक तत्वों में काफी भिन्नता पाई जाती है । यह जिला भौतिक विशेषताओं के चार भागों में विभाजित किया गया है।

पचर

जिले का उत्तरी भाग जो की सेंगर नदी द्वारा बाकि जिले से अलग है स्थानीय भाषा में पचर के नाम से जाना जाता है। इस भाग में विभिन्न प्रकार की अत्यधिक उपजाऊ मिटटी पाई जाती है जिसके केंद्र में दलदल हैं जिससे छोटी-छोटी धाराएं उत्पन्न होती हैं। बेहद उपजाऊ होने के कारण यह भूमि इटावा के लिए कृषि दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व रखती है इसीलिए यह भूमि घनी आबादी वाले शहरों और बस्तियों के साथ जुड़ी हुई है।

घार

सेंगर एवं यमुना नदी के बीच स्थित दूसरा भाग स्थानीय लोगों द्वारा घार नाम से जाना जाता है। यहाँ लाल रंग की उपजाऊ रेतीली दुमट पाई जाती है। हालाँकि इस भाग में जिले के कई बड़े नगर स्थित हैं परन्तु यहाँ कम आबादी दिखाई पड़ती है उत्तरीय भाग के मुकाबले।

करका

घार के दक्षिणी भाग में जो ऊपरी भूभाग और नालें मौजूद हैं वह जिले के तीसरा भाग के रूप में करका नाम से जाने जाते हैं। इस भाग में बहुत ही काम आबादी देखने को मिलती है। इस भाग की मिटटी भी घार क्षेत्र की मिटटी के सामान पायी जाती है। इसके अलावा इस भाग के काफी हिस्सों में गहरे नालें पाएं जाते हैं जो की कांटेदार झाड़ियों से घिरे हुए हैं।

पार

इटावा के चौथे भाग में यमुना एवं चम्बल नदी के मध्य में स्थित भूमि शामिल होती है जो की पार नाम से जानी जाती है। यह भाग औरैया, भरथना एवं इटावा जिलों के कई भागों को अपने में सम्मिलित करता है। इस भाग में काली मिटटी के साथ-साथ कुछ रेतीले टीले भी पाए जाते हैं।

इटावा की जलवायु

वर्षा स्तर

जिले का औसत वार्षिक वर्षा स्तर 792 मिलीमीटर है जिसका स्रोत जून से सितंबर तक आने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसून हवाएं हैं। इटावा की वर्षा ऋतू में अगस्त के माह में यहाँ सबसे अत्यधिक वर्षा का अनुभव किया जाता है।

तापमान

इटावा में गर्मियों में अत्यधिक गर्मी एवं सर्दियों में अत्यधिक ठण्ड का अनुभव किया जाता है। यहाँ मई एवं जून में काफी गर्मी पड़ती है जिसमें तापमान ज्यादातर 46 डिग्री तक पहुँच जाता है।जून माह के अंत तक जब मानसून इटावा में प्रवेश कर लेता है तब तापमान थोड़ा कम हो जाता है। यह तापमान नवंबर के आते-आते और गिरता जाता है जिससे सर्दी ऋतू का आगमन हो जाता है। इटावा की सर्दी ऋतू में जनवरी सबसे अत्यधिक ठंडा माह होता है जिसमें तापमान औसतन 8-3 डिग्री तक पहुँच जाता है।